Sunday, 15 May 2011

एक बार इस सवाल पर गौर फरमाईये...


एक सुलगता हुआ यह सवाल है,
इस मुल्क को अब जवाब चाहीये,
चर्चाएँ तो होती राहेंगी,
एक बार इस सवाल पर गौर फरमाईये...

इसे सवाल समझें या समस्या, दोनों है जटिल,
अन्ना हज़ारे ने धड़का तो दिया है करोड़ो का यू दिल,
भ्रष्टाचारेयों की सासें हो रही है बोझिल,
अब सोचने, विचरने और समझने का मुद्दा तो यही है,
देखीए इसी वर्ष के मॉनसून सत्र में क्या पास हो पाएगा लोक पल बिल ?

ट्रेवर क्रिस्टोफर जेम्स
जय हिन्द !!!

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